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- जानवरों की एक बड़ी दौड़ थी। टिकी कछुई धीमी थी, पर वह भी कोशिश करना चाहती थी।
- तैयार, एक, दो, तीन, दौड़ो! खरगोश और लोमड़ी बहुत तेज़ भागे। टिकी धीरे-धीरे चली।
- रास्ते में टिकी को एक नन्हा साही दिखा। वह गिर गया था और उठ नहीं पा रहा था।
- टिकी रुक गई। उसने साही को खड़ा होने में मदद की। “धन्यवाद!” साही ने कहा।
- वे दोनों साथ-साथ चलकर अंतिम रेखा तक पहुँचे। टिकी सबसे आख़िर में आई।
- पर सबने टिकी के लिए तालियाँ बजाईं! उसे दयालुता का पदक मिला। जीतने से ज़्यादा अच्छा है दोस्त की मदद करना।
🌟 Lesson: जीतने से ज़्यादा अच्छा है दोस्त की मदद करना।
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